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हँसता बचपन (Kids Zone Foundation Stage) – बाल वाटिका

"जहाँ मुस्कान से प्रारम्भ होती है शिक्षा और संस्कारों से संवरता है भविष्य।"

1. हँसता बचपन (Kids Zone Foundation Stage) – बाल वाटिका

Early Childhood Care & Education (ECCE) | NEP-2020 & Indian Knowledge Systems


डायरेक्टर संदेश (Director's Message)

पिंकी उपाध्याय - निदेशिका, हँसता बचपन
निदेशिका – पिंकी उपाध्याय

हँसता बचपन - बाल वाटिका

प्रिय अभिभावकों,

हँसता बचपन में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन है। यह वह नाम है — "जहाँ मुस्कान से प्रारम्भ होती है शिक्षा और संस्कारों से निर्मित होता है भविष्य।"

बाल्यावस्था जीवन का स्वर्णिम काल है। इसी अवस्था में संस्कार, संवेदनाएँ, जिज्ञासा, सृजनशीलता, भाषा, विचार और व्यक्तित्व का विकास प्रारम्भ होता है। भारतीय ज्ञान परम्परा हमें बताती है कि शिक्षा केवल सूचना प्राप्त करने का माध्यम नहीं है अपितु मनुष्य के अन्तर्निहित गुणों के जागरण, चरित्र-निर्माण और जीवन-मूल्यों के विकास की सतत प्रक्रिया है। यही दृष्टि हमारे प्रत्येक प्रयास का आधार है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 ने प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्त्वपूर्ण नींव माना है। इसी भावना को आत्मसात् करते हुए हँसता बचपन बाल वाटिका में हम खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित, अनुभवात्मक एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति को अपनाते हैं, जिससे प्रत्येक बालक स्वाभाविक रूप से सीखते हुए आनंद का अनुभव करे।

हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना मात्र नहीं है, अपितु उनमें संस्कार, संस्कृति, आत्मविश्वास, अनुशासन, करुणा, सहयोग, नेतृत्व, रचनात्मकता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जैसे जीवनोपयोगी गुणों का विकास करना है। भारतीय परम्परा के श्लोक, प्रार्थनाएँ, योग, संगीत, लोककथाएँ, पर्व-उत्सव, कला, हस्तकौशल तथा नैतिक जीवन-मूल्यों को आधुनिक शिक्षण विधियों के साथ समन्वित कर बच्चों को ऐसा वातावरण प्रदान किया जाता है, जहाँ शिक्षा आनन्दमय भी हो और जीवनोपयोगी भी।

हमारा विश्वास है कि प्रत्येक बालक अद्वितीय है। उसकी प्रतिभा को पहचानना, उसका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उसे प्रेम, सुरक्षा और सम्मान से परिपूर्ण वातावरण देना ही वास्तविक शिक्षा है। इस पवित्र दायित्व के निर्वहन में विद्यालय और अभिभावक दोनों समान रूप से सहभागी हैं। जब परिवार और विद्यालय एक ही दिशा में कार्य करते हैं, तभी बालक का संतुलित एवं सर्वांगीण विकास सम्भव होता है।

हम संकल्पित हैं कि हँसता बचपन की बाल वाटिका प्रत्येक बच्चे के लिए ऐसा शिक्षण-संसार बने, जहाँ ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन के साथ स्नेह, आधुनिकता के साथ भारतीयता और शिक्षा के साथ जीवन-दृष्टि का विकास हो।

आप भी आइए हमारे साथ इस व्यापक शिक्षण प्रक्रिया का अंग बनिए। हम सब मिलकर अपने एवं अपने समाज के बच्चों को ऐसा बचपन दें जो जिज्ञासु हो, संस्कारित हो, आत्मविश्वासी हो, प्रकृति और संस्कृति से जुड़ा हो तथा भविष्य की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने में सक्षम हो।

हमारी परम्परा है – "विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।"

विभागीय समूह (Departmental Team)

हँसता बचपन (बाल वाटिका) के शैक्षणिक एवं प्रबंधकीय संचालन हेतु संकल्पित विभागीय सदस्य:

सरोज मिश्रा
विभागीय सदस्य
शिवानी
विभागीय सदस्य
दीपक कुमार
विभागीय सदस्य
आशीष शुक्ला
विभागीय सदस्य